साइप्रस का इतिहास..और..भारत का भविष्य – श्री गिरधारी भार्गव जी की फेसबुक पोस्ट


हम – कुछ राष्ट्रवादी हिन्दू लोग- कुत्ते की दुम को सीधा करने की कोशिश कर रहे है,

रात दिन — बहुत सी “जानकारियां” देकर,
हिन्दुओं को — जगाने के लिए प्रयत्नशील है।

ताकि — दुनिया में “जो हुआ” और “जो हो रहा है” उस से बचा जा सके।

आज एक किस्सा लाया हूँ जो की ज्यादा पुराना नही है,
जो कि — मेरे लिए तो — सिर्फ कल ही — की बात है।

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साइप्रस का इतिहास..और..भारत का भविष्य!
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साइप्रस नाम के इस छोटे से देश की कहानी को ध्यान से पढ़ें….
आप को कुछ जानी पहचानी लगेगी।

साइप्रस एक छोटा सा द्वीप है जो टर्की से 40 मील दक्षिण और ग्रीस से 480 मील दक्षिणपूर्व पर स्थित है।
एक समय इस द्वीप पर 720,000 ग्रीक रहते थे। पर 1571 में टर्की ने इस पर आक्रमण कर दिया और इसके उत्तरी भाग पर इस्ताम्बुल का कब्ज़ा हो गया।

1878 में ब्रिटिश ने इसे लीज पर लिया।
लीज प्रथम विश्व युद्ध के बाद समाप्त हो गया और 1925 में यह द्वीप ब्रिटिश राज की colony बन गई।

1960 में ब्रिटिश ने इसे आज़ाद कर दिया और साइप्रस गणतंत्र बना जहाँ 80% ग्रीक थे और 20% तुर्क थे।

जल्द ही तुर्क मुस्लिम को ग्रीक ईसाई के साथ रहने में परेशानी महसूस होने लगी. अब मुसलमानों के लिए ये कोई नई बात नहीं है. 1878 में ओटोमन तुर्क साम्राज्य का शासन समाप्त होने से साइप्रस ‘दार-उल -इस्लाम ‘ नहीं रह गया, 
बल्कि यह साइप्रस के तुर्क मुस्लिमों के लिए ‘दार-उल -हब्र’ (land of conflict) बन गया।

शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य के सामने वे कुछ कर नहीं सकते थे ,पर ब्रिटिश के जाते ही स्थिति बदल गई…
साइप्रस के तुर्क मुस्लिम अब भी कुछ करने की स्थिति में नहीं थे क्यूंकि उनकी संख्या कुल जनसँख्या का 20% थी।

इसलिए 1974 में तुर्क मुस्लिम ने टर्की को साइप्रस पर आक्रमण करने को बुलाया। साइप्रस की सरकार इस आक्रमण को रोक नहीं पाई।

1975 में तुर्क मुस्लिमों ने विभाजन की मांग की।
अलग हुए भाग ने अपने आप को 1983 में आज़ाद घोषित कर दिया,
और नाम रखा ‘Turkish Republic of northern cyprus ‘
और टर्की ने उसे एक नए देश का दर्जा दे दिया।

गौर करने वाली बात यह है कि पहले 16 वीं सदी तक इस देश में सिर्फ ग्रीक ईसाई रहते थे..
1571 में तुर्क आयें एवं उत्तरी साइप्रस में ग्रीक ईसाई के साथ रहने लगे।

सबसे दुखद बात यह है कि 1974 में जुलाई अगस्त की घुसपैठ में तुर्की आक्रमणकारियों ने बर्बरता पूर्वक ग्रीक ईसाईयों को वहां से भगा दिया।

200 ,000 ग्रीक ईसाई को बलपूर्वक निकाल दिया। वे लोग अपना घर बार छोड़कर दक्षिण भाग में आ गए जहाँ ग्रीक ईसाई रहते थे।

वे लोग अपने ही घर में शरणार्थी बन गए और ये सब किया गया ठीक विभाजन कि मांग से पहले और उसके बाद 1983 में साइप्रस का एकतरफ़ा विभाजन हो गया।

Ethnic cleansing के बाद भी उत्तरी भाग में 12 ,000 ग्रीक रह गए।

20 वर्षों के बाद वहां सिर्फ 715 ग्रीक रह गए और अब शून्य — {एक भी नही}– 
कहाँ गए ये लोग –??–

“तथाकथित आजादी” और “बंटवारे” के समय “इस्लाम के खतरे से अनजान हिन्दू” भी पाकिस्तान में रह गये थे। 

जो कि — वहां हिन्दू 27% थे और आज 27%से 3% हो गए। 

बाकी को या तो मार दिया गया या धर्मान्तरित कर दिए गये। 

अगर आप ये लिंक खोल कर पढ़ सके तो — आप एक पाकिस्तानी हिन्दू की दुखद कहानी जान पायेंगे। 
http://khabarindiatv.com/india/national-sad-story-of-hindu-in-pakistan-1386.html?page=5 

मैंने — यह सब क्यूँ लिखा ? …

क्यूंकि कश्मीर,पाकिस्तान और बंगलादेश में यही हुआ और आज भी हो रहा है।

बंगाल ,असम, केरल में यही सब हो रहा है।

क्या हम लोग “साइप्रस देश” या “कश्मीर” से कुछ सीखेगे ???
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अब “साइप्रस” जैसा ही — हाल “फ्रांस” और “नाईजीरिया” का हो रहा है।

सिर्फ तीन दशक पहले “अल्जीरिया और सेनेगल” से कई मुस्लिम वहां मचे गृहयुद्ध, भुखमरी से त्रस्त होकर फ्रांस में “शरणार्थी” बनकर आये थे..उस समय फ़्रांस में वामपंथी दल की सरकार थी और उन्होंने इन्हें शरण दे दी थी।

नतीजा –??– आज फ़्रांस में शुक्रवार को ये शांतिदूत सड़को पर ही नमाज पढने लगते है।
ये जरा भी नही सोचते की इससे दुसरे लोगो को कितनी परेशानी होती होगी … और ये सोचे भी कैसे — इनके सीने में दिल हो — तब सोचे ना।
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भारत की तरह “नाइज़ीरिया” के निवासियों ने वक्त रहते निर्णय नही लिए और वहां मुस्लिम बहुसंख्यक हो गये,इसके बाद तो उन्हें मौत का तांडव करना ही था,आज नाइजीरिया का मुस्लिम आतंकवादी संघठन “बोको हराम” कभी स्कूलों से एक साथ “तीन तीन सौ लडकियाँ” अगवा कर लेता है और अभी हाल ही में एक साथ कई गाँव और कस्बे जला दिये और हजारों लोगो को मार दिया। 

केवल एक बार आँखे बंद कर जलते हुए “नाइज़ीरिया” की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझ कल्पना कर के “देखो — जलने” से बच कर भाग रहे उनके बच्चों में अपने बच्चों की तस्वीर बसा कर देखो — और — केवल सोचो ही नही — निर्णय करो कि — अभी भी हम इस आतंकवाद के खिलाफ क्या कर सकते हैं –??–
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फ्रांस के आंतकी हमले की पूरी कहानी :—

https://www.facebook.com/photo.php?fbid=789898477751863&set=a.200870476654669.48416.100001951540323&type=1&theater&notif_t=mentions_comment

क्या अभी भी – हमें यह “दुविधा” होनी चाहिए कि “इस्लाम” क्या करता है।

और — आगे क्या करेगा — ??–
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अब आप की — बारी बिलकुल तय है।
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आप लिख कर रख ले — इस को कोई रोक नही सकता…
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अब तो मेरी बात मानोगे या नही — क्योकि — बात यहाँ तक पहुंच चुकी है..

सुनो :—- भारत में मुसलमानों के दिमाग में कितना जहर भरा है।
ये इस वीडियो से स्पष्ट हो जाता है।
आप इन जेहादी दरिंदो की हिम्मत देखिये की सरे आम भारत की सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती देते हुए ये मुल्ला कहता है की हम जब चाहे जो मर्जी हथियार ला सकते हैं।
वो धमकी देता है की भारत की संसद में घुस कर उस पर मुसलमान कब्जा कर लेंगे।
वो कहता है कि :— भारत को हजारो टुकड़ों में तोड़ देंगे।

“ओवेसी” तो 15 मिनट में सारे हिन्दुओं को मारने की बात सावर्जनिक तौर पर खुले आम कहता है — ये तो सर्वविदित है। 

कहाँ हैं बात बात पर हिन्दुओं का अपमान करने वाले — बिकाऊ मीडिया वाले और धर्मनिरपेक्ष ढोंगी — ??– 
सच्चाई यही है की चाहे हिन्दुद्रोही — कुकर्मी कांग्रेसी हों — या — समाजवादी —
ये सब वोट बैंक के लालच में ऐसे गद्दारों के खिलाफ कार्यवाही करने से बचते रहते हैं।

किसी जेहादी मुल्ले का इस प्रकार खुलेआम भारतीय सरकारों,,सुरक्षा एजेंसियों को — चुनौती देना और धमकी देना — सरकार के मूंह पर कालिख पुतने जैसा है।

हर राष्ट्रभक्त — ऐसे गद्दारों की भावनाओं को समझ कर — पूरे समाज को “जागृत” करने का प्रयास करें — और — इन “दरिंदों” का मुकाबला करने के लिए समाज को “तैयार” करे। 

ये वीडियो देखिये और खुद सुन लीजिये।

https://www.youtube.com/watch?v=ImLvMoq7Blc&list=UU_J2ZFzWlfp31JlEMX_hHVg#t=72
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अगर मोदी सरकार नही आती तो :—
आपको “इसी साल लास्ट तक” बहुत कुछ देखने को मिलता।

खैर- मामला 20 या 30 साल का कतई नही है-
देश एक बार फिर टूटने के कंगार पर खड़ा है।
ये सब “बहुत जल्द” होने वाला है,
“बहुत ही जल्द”- जिसकी कोई भी “कल्पना” भी नही कर सकता,
मामला बहुत “गम्भीर मोड़” तक पहुंच चुका है। 

आज देश का कोई भी कोना बाकी नही है,
जहाँ ये “मुसल्ले उपद्रव” नही कर रहे हो।

“केरल,कश्मीर और आसाम” तो इन के “पुरे कब्जे” में है। 
आधा-तमिलनाडू,,आधा आंध्रप्रदेश,,आधा उतरप्रदेश,,आधा-बिहार,आधा बंगाल,
इन सभी इलाकों में इन्ही की “तूती” बोलती है।

अब बाकी बचे देश के दुसरे हिस्सों में भी ये चुप नही बैठे है।
चाहे “हरियाणा हो चाहे राजस्थान हो”,, 
“चाहे महाराष्ट हो,और चाहे कर्नाटक हो”,
इन लोगो की “भयंकर तैयारियां” “रात और दिन” चल रही है।
क्यों की :– इन को – “अरब देशों” – से “असीमित-दौलत” मिल रही है। 
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इस मामले को “हल्के” में लेने वाला “व्यक्ति”– 
वो ही होगा जो “हकीकत” से “कोसों दूर” है।
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अगर मोदी जी :— 
इन “मुसल्लों” के खिलाफ कोई “अत्यधिक कठोर” फैसला ले ले, 

तो — देश जरुर “दुबारा टूटने” से बच सकता है। 
नही तो — देश एकरूप में “हरगिज नही” – बचेगा।
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ये पोस्ट तो खैर — साल भर पुरानी है। आज कुछ नई बाते और जोड़ देता हूँ। 
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आंतकी “याकूब मैनन” के -“जनाजे की भीड़”- भी मेरी इस पोस्ट को “सही” साबित कर रही थी।
उस भीड़ की -“नियत”- बिलकुल साफ़ झलक रही थी। 

इस से कुछ दिन पहले – जम्मू में – हिन्दुओं द्वारा – इराक के – एक आंतकी संगठन “इस्लामिक स्टेट” का “झंडा” जलाने पर –“जम्मू कश्मीर” में मुसल्लों ने दंगा किया था और शासन को “कर्फ्यू” लगाना पड़ा था।
मित्रों भूलिए मत — ये कड़ियाँ भी — जोड़ते चलिये — क्योकि — ये भी — मेरी इस पोस्ट को सही साबित कर रही है।– 4.8.2015 
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अब भी – अगर नही जागे — तो कोई क्या करे। 

–{ वैसे – मैं तो – बहुत अच्छी तरह से समझता हूँ — कि — एक बार फिर — हिन्दुओं को “कटना” होगा}–

साभार — गिरधारी भार्गव — 31.8.2014

Dr. Sudhir Vyas Posted from WordPress for Android

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