भारत में अब मुसलमानों के किन्ही अधिकारों की मांग ही सरासर नाजायज़ है


यह एक शाश्वत सत्य व सार्वभौमिक नियम है कि अधिकारों के लिए पहले कर्तव्य पालन करना अनिवार्य होता है लेकिन जमीनी सचाई के सर्वथा उलट जा कर लगभग सारे ही मुस्लिम नेताओं और उनके सेक्यूलर रहनुमाओं ने अब यह अनोखी बात कहना भी शुरू कर दिया कि भारतदेश की आजादी के लिये हजारों मुसलमानों ने…

Students Islamic Movement Of India (सिमी) भारत का तालिबान = तुष्टिकरण की आतंकवादी ‘सेक्यूलर वोट’ नीति


स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) यानि ‘भारतीय तालिबान’ का गठन 25 अप्रैल 1977 को यूपी के अलीगढ़ में हुआ, इसका फाउंडर प्रेजिडेंट मोहम्मद अहमदुल्ला सिद्दीकी था,, सिमी मूल रूप से जमात-ए-इस्‍लामी(JIH)के लिए छात्रों को, 1956 में स्थापित इस्‍लामी छात्र संगठन (SIO) के पुनर्जीवित करने के लिए बनाया गया था,,1981 में सिमी कार्यकर्ताओं ने पीएलओ नेता…

सेक्यूलरिज्म और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड = सेक्यूलर समान नागरिक संहिता का ‘सेक्यूलर विरोध’ – राज क्या है??


सेक्यूलरिज्म की जड़ में मार्क्सवाद है … वामपंथ और ‘समाजवाद’ का बुरका ओढा घृणास्पद काला चेहरा ही भारतीय सेक्यूलरिज्म का मूल है पर यहां वोटबैंक हेतु समाजवाद और मार्क्सवाद भी संक्रमित हो जाता है क्योंकि ,असल में नकली के मेल का और हर प्रकार का ‘जुगाड़’ करना भारतीय अतिविशिष्टता है …!! मित्रों एक नामी भुखमरे…

जिज्ञासाऐं,,,, और कुछ नहीं बस


1.) दुनिया की सबसे लीचड़ और जलील कौम भारत के बहुसंख्यक हिंदू हैै …!! पर सबसे मजबूत और बाइज्जत कौम भारतीय मुसलमान ही है …!! सबसे मजबूत ‘अल्पसंख्यक’ कौम वोट भी मजहब के आधार पर ही देती है सो सब राजनैतिक बहुसंख्यक अपनी अपनी श्रद्धानुसार ताकतवर और संगठित बा ईमान मजहब वालों के पिछवाडे और…

देश, नीति, विकास और सम्मान = छद्म धर्मनिरपेक्षता की पाठशाला में पलता जेहाद


“बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीति॥” यानि कि ‘भय बिनु प्रीत नाहिं गोसाई’ गोस्वामी तुलसीदास भी कह गये हैं मित्रों – सो अब यह भारत देश सिर्फ राष्ट्र सर्वप्रथम और बहुसंख्यक सम्मान से ही आगे बढेगा…क्योंकि वही हर राष्ट्र की प्राथमिक पहचान होती…

नरेंद्र मोदी ही क्यों…?


नारायणं नमस्कृत्य नरंचैव नरोत्तमम् देवीं सरस्वतिं व्यास ततो जय मुदीरयेत् मित्रों,,नरेन्द्र मोदी के रूप में भारत को एक सक्षम , ईमानदार और तेज़ तर्रार प्रधानमन्त्री मिलने को है ,, सही कहूं तो एक ऐसा देशभक्त राष्ट्रवादी नरसिंहम् आने को है जिसके डर से गद्दार चोर चूहों और द्रोही लकडबग्घों समेत रानी महाठगिनी लोमड़ी तक की…

राष्ट्रवाद और देशभक्ति – एक व्याख्या और वर्तमानचीन कटु सत्य के साथ भारतीय तुलना


कहा गया है कि “किसी देश का नाश केवल राष्ट्रवादी जूनून के तूफ़ान से रोका जा सकता है , लेकिन केवल वो जो खुद जुनूनी होते हैं दूसरों में राष्ट्रवाद का जूनून पैदा कर सकते हैं”,, और वैसे भी विभाजनकारी और गद्दारों की मानसिकताऐं तथा तासीर बदलने सा समय अब रहा नहीं अत: गद्दारी का…

कश्मीर – (भाग 1) शरणार्थियों तथा विस्थापितों का अनजाना सच (भाग 1)


आम भारतीयों के लिए यह चौंकाने वाली जानकारी हो सकती है कि जम्मू-कश्मीर का जम्मू क्षेत्र आज एशिया में विस्थापितों या कहें कि शरणार्थियों की सबसे घनी आबादी वाला इलाका है. मंदिरों और तीर्थस्थानों के लिए जाने जाने वाले जम्मू को भारत में शरणार्थियों की राजधानी का दर्जा भी दिया जा सकता है. जगह-जगह से…